Hasya kavita baccho ke liye | बचपन हास्य कविता

फूटा ढोल – प्रकाश मनु – Bacccho Ke Liye Hasya Kavita मेरा भैया गोलमटोल,दूध-जलेबी जैसे बोल।दिन भर करता है शैतानी,रोता जैसे फूटा ढोल।जब-जब बजता फूटा ढोल,सारा घर तब उठता डोल! एक पराँठा आलू का -Baccho ke liye Kavita प्रकाश मनु Ek Partha Alu kaa चुनमुन प्यारा क्या खाएगा?एक पराँठा आलू का!मूली वाला गरम पराँठायह है …

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