Shree krishna shayari in hindi | श्री कृष्ण की शायरी

Shree krishna shayari

कृष्ण का रास तो एक बहाना था,
दुनियाँ को प्यार का मतलब जो समझाना था।

यदि प्रेम का मतलब सिर्फ पा लेना होता,
तो हर हृदय में कृष्णा का नाम नही होता।

एक साँवले कृष्ण, दूसरी राधिका गोरी
जैसे एक-दूसरे से मिल हुए हों चाँद-चकोरी।

राधा के सच्चे प्रेम का यह ईनाम हैं,
कृष्ण से पहले लोग लेते राधा का नाम हैं।

कृष्ण को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा,
पुरे खत में सिर्फ कृष्ण कृष्ण नाम लिखा।

प्रेम की भाषा बड़ी आसान होती हैं,
राधा-कृष्ण का प्रेम कथा ये पैगाम देती हैं।

Shree krishna shayari in hindi

कृष्ण की प्रेम बाँसुरिया सुन भई वो दिवानी,
जब कान्हा मुरली बजाएँ भागी आये राधा रानी।

कितने सुंदर आँख तेरे ओ राधा प्यारी,
इन नैनों में खो गये मेरे कृष्णा बिहारी।

कान्हा तुझे खाबो में पाकर दिल खो ही जाता हैं
खुदको जितना भी रोक लू, प्यार हो ही जाता हैं।

हे कृष्णा , तुम संग बीते वक़्त का कोई हिसाब नहीं रखता
मैं बस लम्हे जीता हूँ, इसके आगे कोई खाब नहीं रखता ।

कर्तव्य पथ पर जाते-जाते कृष्णा गये थे रूक,
देख दशा राधा रानी, ब्रम्हा भी गये थे झुक।

राधा-कृष्णा जोड़ी कुछ, भाये ऐसे जग में
प्रीत की डोरी में बंधे, तेरे ही संग में

Shree Krishna Love Status

अब तो आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ए कृष्णा ,
है तो तलाश तेरी और बंद हो तो ख्वाब तेरे।

बहुत खूबसूरत हैं मेरे ख्यालों की दुनिया,
कृष्ण से शुरू और कृष्ण पर ही खत्म होती दुनिया ।

राधे कृष्णा जपने से हो जाएगा तेरा उद्धार,
यही वही वो नाम हैं जिससे कृष्ण को हैं प्यार।

कहीं कोई कहे छोड़ो, ना सताओ मोरे कृष्णा
मन ही मन प्रेम करे, सब तुझसे सुन कान्हा

अगर तुमने राधा के कृष्ण के प्रति प्रेम को जान लिया,
तो तुमने प्यार को सच्चे अर्थों में जान लिया।

जब सुकून ना मिले दिखावे की बस्ती में
तब खो जाना मेरे कृष्णा की मस्ती में।

हर पल, हर दिन कहता हैं कृष्णा का मन
तू कर ले पल-पल राधा का सुमिरन।

घर द्वार छोड़ दौड़ी, चली आयी भोली सखियाँ,
सुध बुध खोयी ऐसे, सुन तेरी प्यार भरी बतिया

पर्दा ना कर पुजारी दिखने दे राधा प्यारी ,
मेरे पास वक्त कम हैं, और बाते हैं ढेर सारी।

श्री कृष्ण की शायरी

हे कान्हा, तुम्हे पाना जरूरी तो नहीं,
तुम्हारा हो जाना ही काफी हैं मेरे लिए।

मटकी तोड़े, माखन खाए फिर भी सबके मन को भाये,
राधा के वो प्यारे मोहन, महिमा उनकी दुनिया गाये।

राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आएंगे,
एक बार आ गए तो कभी नहीं जायेंगे।

सांवरे तेरी मोहब्बत को, नया अंजाम देने की तैयारी हैं,
कल तक मीरा दीवानी थी, आज मेरी बारी हैं।

राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी,
आएंगे बिहारी चले आएंगे बिहारी।

हर पल आंखों में पानी हैं क्योंकि चाहत में रुहानी हैं
मैं हूँ तुझसे, तू हैं मुझसे, अपनी बस यही कहानी हैं।

राधा की कृपा, कृष्णा की कृपा, जिस पर हो जाए,
भगवान को पाए, मौज उड़ाए, सब सुख पाए।

नटखट तू इतना जाने, सब ब्रिज की गोपियाँ
फिर भी रोक ना पाए, खुद को सारी छोरियां

सच्ची मोहब्बत का अंजाम अगर निकाह होता,
तो रुक्मणि की जगह राधा का स्थान होता।

चारों तरफ फैल रही हैं, इनके प्यार की खुशबू थोड़ी-थोड़ी
कितनी प्यारी लग रही हैं, साँवरे-गोरी की यह जोड़ी।।

कर भरोसा राधे नाम का धोखा कभी ना खायेगा,
हर मौके पर कृष्ण तेरे घर सबसे पहले आयेगा।

मधुवन में भले ही कान्हा किसी गोपी से मिले,
मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिल

दे के दर्शन कर दो पूरी प्रभु मेरे मन की तृष्णा
कब तक तेरी राह निहारूं, अब तो आओ कृष्ण

बंसी की मधुर तान छेड़, तू मोहे सबको
क्या गोपी क्या सखी चाहे, मस्ती प्यारी सबको

मन, तू अब कोई तप कर ले,
एक पल में सौ-सौ बार राधे कृष्ण नाम का जप कर ले।

सुनो कृष्णा जहाँ से तेरा मन करे, मेरी जिन्दगी को पड़ लो पन्ना चाहे,
कोईं भी खोलो हर पन्ने पर तेरा नाम होगा मेरे कान्हा।।

एक कृष्णा के ख्याल में हमने
ना जाने कितने ख्याल छोड़े हैं सांवरिया।।

जिस पर राधा को मान हैं, जिस पर राधा को गुमान हैं,
यह वही कृष्ण हैं, जो राधा के साथ हर जगह सर्वज्ञान हैं।

रंग बदलती दुनियाँ देखी, देखा जग व्यवहार,
दिल टूटा तब मन को भाया ठाकुर तेरा दरबार।

Kanhaiya Shayari

राधा ने श्री कृष्णा से पूछा, प्यार का असली मतलब क्या होता हैं,
श्री कृष्णा ने हँस कर कहा, जहाँ मतलब होता हैं वहां प्यार ही कहाँ होता हैं।

प्यार दो आत्माओं का मिलन होता हैं,
ठीक वैसे हीं जैसे प्यार में कृष्ण का नाम राधा और राधा का नाम कृष्ण होता हैं।

कृष्ण ने राधा से पूछा ऐसी एक जगह बताओ, जहाँ में नहीं हूँ,
राधा ने मुस्कुरा के कहा, बस मेरे नसीब में।

प्यार सबको आजमाता हैं,
सोलह हज़ार एक सौ आठ रानियों से मिलने वाला श्याम, एक राधा को तरस जाता हैं।

राधा ने किसी और की तरफ देखा हीं नहीं, जब से वो कृष्ण के प्यार में खो गई,
कान्हा के प्यार में पड़कर, वो खुद प्यार की परिभाषा हो गई।

बैकुंठ में भी ना मिले जो वो सुख कान्हा तेरे वृंदावन धाम में हैं,
कितनी भी बड़ी विपदा हो चाहे समाधान तो बस श्री राधे तेरे नाम में हैं।