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Senior Citizen Shayari in hindi -वरिष्ठ नागरिकों के लिए शायरी

Senior Citizen Shayari In Hindi

‘बड़ी सस्ती मिला करती है दुआएं इनकी, कभी बुजुर्गों के काम आया करो, मंदिर मस्जिद से आजिज आये जाए, दिल तो ऐसे बुजुर्गों तक आशीर्वाद यूं ही लेने चले जाया करो

कोई चेहरा कोमल कली का, रुप कोई सोलन परी का,
उनसे सीखो सबक जिंदगी का, बेटियां तो होती हैं लम्हा खुशी का

उस गली ने ये सुन के सब्र किया
जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं
जौन एलिया

अब तो जाते हैं बुत-कदे से ‘मीर’
फिर मिलेंगे अगर ख़ुदा लाया
मीर तक़ी मीर


दंग हूं मैं इसलिए फूलों का दामन छोड़ कर
मेरी खुशबू से लिपट कर तितलियां रोती रहीं…
कांपते हाथों से ख़त तो लिख दिया उसको मगर
देर तक तन्‍हाइयों में उंगलियां रोती रहीं….

उस को रुख़्सत तो किया था मुझे मालूम न था
सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला
निदा फ़ाज़ली

आशियां मेरा जला कर बिजलियां रोती रहीं
उम्र भर मुझमें किसी की सिसकियां रोती रहीं…
शोर तो गुम हो गया गलियों में ढलती शाम तक
रात भर लेकिन हजारों चुप्पियां रोती रहीं…
सूखते दरिया पे उड़ते बादलों को देख कर
क्या बताऊं मुझमें कितनी मछलियां रोती रहीं…
कब समंदर देखता है मुड़के पीछे रेत के
बेख़बर इस बात से कुछ सीपियां रोती रहीं…

Senior Citizen Shayari In Hindi

अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा
बशीर बद्र

आँख से दूर सही दिल से कहाँ जाएगा
जाने वाले तू हमें याद बहुत आएगा
उबैदुल्लाह अलीम

जाते हो ख़ुदा-हाफ़िज़ हाँ इतनी गुज़ारिश है
जब याद हम आ जाएँ मिलने की दुआ करना
जलील मानिकपूरी

अब तुम कभी न आओगे यानी कभी कभी
रुख़्सत करो मुझे कोई वादा किए बग़ैर
जौन एलिया

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