Sanskrit shlokas with meaning in hindi

संस्कृत श्लोक हिन्दी अर्थ सहित

Sanskrit Quote on Pride (Vanity)

मा कुरु धनजनयौवनगर्वं हरति निमेषात्कालः सर्वम्।
मायामयमिदमखिलं हित्वा ब्रह्मपदं त्वं प्रविश विदित्वा॥

Hindi Translation:
धन, जन, और यौवन पर घमण्ड मत करो; काल इन्हें पल में छीन लेता है।
इस माया को छोड़ कर इस ज्ञान से ब्रह्मपद में प्रवेश करो।

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Sanskrit Quote on Skills

कल्पयति येन वृत्तिं येन च लोके प्रशस्यते सद्भिः।
स गुणस्तेन च गुणिना रक्ष्यः संवर्धनीयश्च॥

Hindi Translation:
जिस गुण से आजीविका का निर्वाह हो और जिसकी सभी प्रशंसा करते हैं,
अपने स्वयं के विकास के लिए उस गुण को बचाना और बढ़ावा देना चाहिए।

Sanskrit Quote on Excess (addiction)
अति सर्वनाशहेतुर्ह्यतोऽत्यन्तं विवर्जयेत्।
Hindi Translation:
अति सर्वनाश का कारण है।
इसलिये अति का सर्वथा परिहार करे।

Sanskrit Quote on Reputation
आरोप्यते शिला शैले यथा यत्नेन भूयसा।
निपात्यते सुखेनाधस्तथात्मा गुणदोषयोः॥

Hindi Translation:
जैसे कोई पत्थर बड़े कष्ट से पहाड़ के ऊपर पहुँचाया जाता है पर बड़ी
आसानी से नीचे गिर जाता है, वैसे ही हम भी अपने गुणों के कारण ऊँचे उठते हैं
किंतु हम एक ही दुष्कर्म से आसानी से गिर सकते हैं।

Sanskrit Quote on Learning!
युक्ति युक्तं प्रगृह्णीयात् बालादपि विचक्षणः।
रवेरविषयं वस्तु किं न दीपः प्रकाशयेत्॥

Hindi Translation:
बुद्धिमान को बच्चों से भी युक्तिपूर्ण वचन ग्रहण करने चाहिए।
क्या दीप उस वस्तु को प्रकाशित नहीं करता, जिसे सूर्य प्रकाशित नहीं कर सकता ?

Sanskrit Quote on the Handling States of Mind!

लये संबोधयेत् चित्तं विक्षिप्तं शमयेत् पुनः।
सकशायं विजानीयात् समप्राप्तं न चालयेत् ॥

Hindi Translation:
जब चित्त निष्क्रिय हो जाये, तो उसे thik करो। संबुद्ध चित्त जब अशान्त हो,
उसे स्थिर करो। चित्त पर जमे मैल (अहंकार तथा अज्ञानता) को पहचानो।
समवृत्ति को प्राप्त होने पर इसे फिर विचलित मत करो।
आरोप्यते शिला शैले यथा यत्नेन भूयसा।
निपात्यते सुखेनाधस्तथात्मा गुणदोषयोः॥

Sanskrit Shloka on human nature

स्वभावो नोपदेशेन शक्यते कर्तुमन्यथा !
सुतप्तमपि पानीयं पुनर्गच्छति शीतताम् !!

Hindi Meaning : किसी व्यक्ति को आप चाहे कितनी ही सलाह दे दो किन्तु उसका मूल स्वभाव नहीं बदलता ठीक उसी तरह जैसे ठन्डे पानी को उबालने पर तो वह गर्म हो जाता है लेकिन बाद में वह पुनः ठंडा हो जाता है.

अनाहूतः प्रविशति अपृष्टो बहु भाषते !
अविश्वस्ते विश्वसिति मूढचेता नराधमः !!

हिन्दी अर्थ : किसी जगह पर बिना बुलाये चले जाना, बिना पूछे बहुत अधिक बोलते रहना, जिस चीज या व्यक्ति पर विश्वास नहीं करना चाहिए उस पर विश्वास करना मुर्ख लोगो के लक्षण होते है.

बलवानप्यशक्तोऽसौ धनवानपि निर्धनः !
श्रुतवानपि मूर्खो सौ यो धर्मविमुखो जनः !!

हिन्दी अर्थ Hindi Meaning : जो व्यक्ति अपने कर्तव्य से विमुख हो जाता है वह व्यक्ति बलवान होने पर भी असमर्थ, धनवान होने पर भी निर्धन व ज्ञानी होने पर भी मुर्ख होता है.

जाड्यं धियो हरति सिंचति वाचि सत्यं !
मानोन्नतिं दिशति पापमपा करोति !!

हिन्दी अर्थ : अच्छे दोस्तों का साथ बुद्धि की जटिलता को हर लेता है, हमारी बोली सच बोलने लगती है, इससे मान और उन्नति बढती है और पाप मिट जाते है.