निर्मल और रहीम

निर्मल और रहीम दो दोस्त थे और वो एक बार अपने गाँव के नजदीक जंगल में घूमने गए। घूमते घूमते वो काफी अंदर चले गए और वापस लौटने लगे ,अचानक से उन्हें भालू दिखा। भालू ने भी दोनों को देख लिया और इनकी तरफ बढ़ने लगा। रहीम को पेड़ पे चढ़ने की कला मालूम थी और उसने बिना निर्मल के बारे में सोचे तुरंत पेड़ पे चढ़ गया। निर्मल ने तुरंत अपना दिमाग लगा के जमीं पे लेट गया क्यूंकि उसने यह सुन रखा था की जानवर शवों को पसंद नहीं करते। जैसे ही भालू नजदीक आया निर्मल ने सांस रोक ली। भालू ने निर्मल को सुंघा और मरा हुआ समझ के लौट गया।

थोड़ी देर बाद रहीम निचे आके निर्मल से पूछा “भालू ने तुम्हारे कान में क्या बोल के चला गया ?”
निर्मल ने कहा ” भालू ने कहा की रहीम जैसे दोस्तों से दूर रहो “

कहानी से सीख :
जरूरत पड़ने पे काम आने वाले लोग ही दोस्त कहलाने के लायक है।