9 Jewels Of Mughal Emperor Akabar in hindi-अकबर दरबार के नवरत्न

भारत में अकबर मुग़ल सल्तनत के एक महान सम्राट थे | उन्होंने 1560-1605 के दौरान भारत पर शासन किया | अकबर खुद तो पढ़े लिखे नहीं थे लेकिन कला के पारखी थे, इसलिए उन्होंने अपने दरबार में कई विद्वानों को नियुक्त किया था | इन विद्वानों में नौ विद्वान बहुत प्रसिद्द थे और वे अकबर के दरबार के नवरत्न कहे जाते थे |

  1. संगीत सम्राट तानसेन – तानसेन एक महान गायक थे |
  2. राजा टोडरमल एक वित्तीय जादूगर थे |
  3. अबुल फजल एक महान इतिहासकार थे |
  4. राजा मान सिंह एक महान आदमी थे जो अपने शौर्य के लिए जाने जाते थे |
  5. बीरबल एक महान मजाकिया , बुद्धिमान, कवि और लेखक थे जो अपने बहुमूल्य सलाह के लिए जाने जाते थे |
  6. दसवंत एक महान चित्रकार थे |
  7. अब्दुस समद एक शानदार सुलेखक और शाही सिक्कों के रूपकार थे |
  8. फैजी एक महान कवि थे |
  9. मीर फतेहुल्लाह शिरजी एक वित्तदाता, दार्शनिक, चिकित्सक, और खगोल विज्ञानी थे

अबुल फ़ज़ल

ईनका पुरा नाम अबुल फजल इब्न मुबारक था | अबुल फजल (१५५१ – १६०२) ने अकबर के शासन काल की प्रमुख घटनाओं को कलमबद्ध किया था। उन्होंने अकबरनामा और आइन-ए-अकबरी की रचना की थी। इनका जन्म आगरा में हुआ।इनकी हत्या सलीम ने करवाई थी वीरसिंह बुंदेला द्वारा। अबुल फजल ने पंचतंत्र का फारसी अनुवाद अनवर-ए-सादात नाम से किया।

इनके पिता का नाम शेख मुबारक था

शेख मुबारक ने ही 1579 ई० में महजरनामा नामक दस्तवेज का प्रारुप तैयार किया फिर इसको अकबर ने जारी कियान

फ़ैज़ी

फैजी(१५४७ – १५९५) अबुल फजल के भाई थे जो फारसी में कविता लिखते थे और जिन्हें अकबर ने अपने बेटे के गणित शिक्षक के पद पर नियुक्त किया था। शेख अबु अल-फ़ैज़, प्रचलित नाम:फ़ैज़ी (२४ सितंबर १५४७, आगरा–५ अक्टूबर १५९५, लाहौर) मध्यकालीन भारत का फारसी कवि था।

तानसेन

कवि तानसेन अकबर के दरबार के एक विलक्षण संगीतज्ञ थे। संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर के लिए कहावत प्रसिद्ध है कि यहाँ बच्चे रोते हैं, तो सुर में और पत्थर लुढ़कते हैं तो ताल में। मियां की मल्हार राग इन्होने बनाया था। इनके बचपन का नाम तन्ना मिश्रा या राम तनु पांडे था। तानसेन को दीपक राग का बहुत बड़ा ज्ञाता माना जाता था।

बीरबल

बीरबल का वास्तविक नाम महेशदास था।

परम बुद्धिमान राजा बीरबल अकबर के विशेष-सलाहकार थे। हास्य-परिहास में इनके अकबर के संग काल्पनिक किस्से आज भी कहे जाते हैं। बीरबल कवि भी थे। ब्रह्म के नाम उन्होंने एक कवि के रूप में कविताएँ लिखी हैं जो भरतपुर संग्रहालय राजस्थान में सुरक्षित हैं।

राजा टोडरमल

राजा टोडरमल अकबर के राजस्व और वित्तमंत्री थे। इन्होंने भूमि-पैमाइश के लिए विश्व की प्रथम मापन-प्रणाली तैयार की थी। ये भरतपुर अलवर के पास हरसाना ग्राम के थे अकबर के राज्य कि पेमाइस इन्होने की थी। उत्तर प्रदेश राज्य के एकमात्र राजस्व प्रशिक्षण संस्थान,हरदोई का नाम इनके नाम पर राजा टोडरमल भूलेख प्रशिक्षण संस्थान रखा गया है जहां आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, पीपीएस के अलावा राजस्व कर्मियों को भूलेख संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है।इन्होंने भूराजस्व की दहसाला पद्धति की शुरुआत की।

राजा मानसिंह

अकबर की सेना के प्रधान सेनापति महाराजा मानसिंह (जयपुर) के आमेर (आम्बेर) कच्छवाहा राजपूत राजा थे।

अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना

रहीम एक प्रतिष्ठित कवि थे और अकबर के संरक्षक बैरम खान के बेटे थे। इन्होंने नगर शोभा नामक रचना की ।

फ़क़ीर अज़ियोद्दीन

फकीर अजिओं-दिन अकबर के निजी चिकित्सक(हकीम) थे। वह अकबर के नवरत्नों में से एक थे।

मुल्लाह दो पिअज़ा

मुल्लाह दो पिअज़ा अकबर के अमात्य थे। यह बात को काटने के लिए काफी प्रसिद्ध थे तथा यह प्याज खाने के भी सौकिन थे। ये रसोइया थे। मुलला दो प्याजा की मजार हरदा मध्यप्रदेश के हरदा जिले के हँडिया तहसील में बनी है जहाँ मुगल बादशाह के समय यात्रीयों के रूकने के लिए बना गरह है । इसे इस समय तेली की सराय के नाम से जाना जाता है।

इन विद्वानों के बारे में प्रसिद्ध कहानियां एवं प्रसंग भविष्य में प्रकाशित किये जायेंगे ।