Navjot singh sidhu shayari in hindi

navjot singh sidhu cricket shayari

कहते हैं जहां सिर झुक जाये वहीं मंदिर,
जहां हर नदी सम जाये वहीं समंदर है,
जीवन की इस कर्मभूमि में युद्ध बहुत है,
जो हर जंग जीत जाये वही सलमान जैसा सिकंदर है।

हर आरजू हमेशा अधूरी नहीं होती,
सच्चे रिश्तों में कभी दूरी नहीं होती,
और जिस दिल में सोनम जैसी महबूबा बस्ती हो,
उसके लिये तो धड़कन भी जरूरी नही होती।

navjot singh sidhu shayari in english

Naujawan Kahata Hain Dariya Hain Ham.
Hame Apna Hunar Malum Hain.
Gujarenge Jidhar Se Rasta Ho Jayega..

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नौजवान कहता है दरिया है हम,
हमे अपना हुनर मालूम है.
गुज़रेंगे जिधर से रास्ता हो जाएगा

पानी की बूंद कही टिकती नहीं,
ईमानदारी मुझे कही दिखती नहीं
खरीददारो की मंडी में खड़ा है सिधु,
जितनी मर्जी बोली लगा कुछ चीजे ऐसी है जो बिकती नहीं

navjot singh sidhu funny shayari

हर दिन के बाद यहाँ रात होती है,
हार जीत मेरे दोस्त साथ साथ होती है,
कोई कितने भी बनाले हवा में महल
मिलता वही है गुरु जो औकाद होती है.

कांटो में रहकर भी फूलो की तरह महकना सीखो
कीचड़ में रहकर भी दोस्तों कमल की तरह खिलना सीखो
जो परिस्थितियों से घबरा जाये वो लौह पुरुष हो नहीं सकता
राख में रहकर भी अंगारों की तरह दहकना सीखो

Jo Prvaton Se Takra Jaye Use Tufaan Khate Hain.
Aur Jo Tufan Se Takra Jaye Use,
Yuvan (Yuwa) Kahate Hain..

जो पर्वतों से टकरा जाये उसे तूफान कहते हैं,
और जो तूफान से टकरा जाए उसे,
युवान (युवा) कहते हैं..

सिकंदर हालात के आगे नहीं झुकता
तारा टूट भी जाये जमीन पर आकर नहीं गिरता
गिरते है हजारो दरिया समंदर में
पर कोई समंदर किसी दरिया में नहीं गिरता

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