Business motivational story in hindi – जेफ बेजोस

Inspiring story of Jeff Bezos in hindi

यदि इरादे अच्छे हों और हौसले बुलंद, तो सफलता जरूर कदम चूमती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं दुनिया के सबसे अमीर शख्स और अमेजन के मालिक जेफ बेजोस। कई कंपनियों में नौकरी करने के बाद बेजोस से एक ऑनलाइन बुक स्टोर खोला, जिसने उनकी किस्मत बदल दी।

File:Jeff Bezos' iconic laugh crop.jpg - Wikimedia Commons

जेफ़ का जन्म 12 जनवरी साल 1964 में अल्बुकर्क, न्यू मेक्सिको में हुआ था. जेफ़ की मां का नाम जैकी जॉरगन्सन और पिता का नाम टेड जॉरगन्सन है.

जेफ़ के जन्म के वक़्त उनकी मां महज 17 साल की थीं. जैकी और टेड का रिश्ता एक साल तक ही चला. उसके बाद दोनों का तलाक़ हो गया.

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वो अपनी मां और सौतले पिता माइक बेज़ोस के साथ टेक्सस और फ्लोरिडा में पले-बढ़े.

ब्रेड स्टोन की जेफ़ बेज़ोस पर 2013 में लिखी बायोग्राफी के मुताबिक़ उन्होंने इंजीनियरिंग और विज्ञान की तरफ़ पहला झुकाव तीन साल की उम्र में दिखाया. जब उन्होंने एक स्कूड्राइवर से अपना पालना तोड़ दिया था.

हाई स्कूल पूरा करने पर दी गई स्पीच में उन्होंने अंतरिक्ष में कॉलोनी बनाने की कल्पना का ज़िक्र भी किया था.

साल 1986 में प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग बैचलर इन साइंस में डिग्री ली. इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क में फाइनेंशियल कंपनियों में काम किया और उस दौरान वो अपनी पत्नी मैकेंज़ी से भी मिले. उनकी पत्नी एक उपान्यासकार हैं.

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इंजीनियरिंग और विज्ञान की तरफ़ उनका ये झुकाव, कल्पनाएं और महत्वाकाक्षाएं ही उन्हें अमेज़न की शुरुआत की तरफ़ ले गईं.

इंटरनेट की बढ़ती पहुंच को भांपते हुए 30 साल की उम्र में जेफ़ बेज़ोस ने अपनी नौकरी छोड़ दी थी.

साल 2010 की अपने एक भाषण में उन्होंने अपने इस फैसले को एक असुरक्षित रास्ता कहा था. उन्होंने कहा था, ”मैंने एक झटके में कुछ करने का फ़ैसला कर लिया था. मैंने नहीं सोचा कि कोशिश करने और असफल होने पर अफ़सोस करूंगा. अगर मैं ये नहीं करता हूं तो एक बार भी कोशिश न करने के ख़्यालों से ज़रूर परेशान रहूंगा.”


वर्ष 1994 में बेजोस ने एक गैराज से अमेजन की शुरुआत की थी। तब वे पुरानी किताबों की ही बिक्री करते थे। इसके बाद जुलाई 1995 में इसकी वेबसाइट भी आ गई। उन्होंने अपनी ई-कॉमर्स कंपनी में निजी पैसे और परिवार की मदद से 100,000 डॉलर का निवेश किया. ये कंपनी तुरंत उनकी उम्मीदों पर खरी उतरने लगी.

अमेजन की रिपोर्ट के अनुसार, इसके करीब दो साल बाद 1997 के आखिर तक कंपनी के पास 150 से ज्यादा देशों में 15 लाख से ज्यादा ग्राहक थे। 

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पहला नाम नहीं था अमेजन


जेफ ने सबसे पहले कंपनी का नाम अमेजन नहीं सोचा था। वो ‘आबरा का डाबरा‘ नाम से इतने आकर्षित थे, कि कंपनी का नाम ‘काडाबरा’ रखना चाहते थे। हालांकि उनके वकील ने ऐसा करने से मना किया था। इसके बाद उनको RELENTLESS नाम पसंद आया, लेकिन बात नहीं बनी। फिर उन्होंने इसका नाम अमेजन रखा। 

निरंतर सुधार ही सफलता की पहली सीढ़ी है

File:Jeff Bezos visits the Robot Co-op in 2005.jpg - Wikimedia Commons

शुरुआती सालों में घाटे में रही कंपनी -अपने काम में लगा रहना सबसे जरूरी


कंपनी को शुरुआत के कुछ सालों में घाटा हुआ था। कंपनी शुरू करने के पहले ही साल में 16 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था। लेकिन बाद में हर साल मुनाफा ही हुआ।

अमेजन की एनुअल रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2019 ही कंपनी को 19.63 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला और 81 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का फायदा हुआ था।

साल 2005 से हुआ मुनाफा


1995 में कंपनी को 1.64 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था और 0.96 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। 2000 में कंपनी को 11,868 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था और 0.96 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

लेकिन साल 2005 में कंपनी को मुनाफा हुआ, जो दिन प्रति दिन बढ़ता ही गया।   

File:Jeff Bezos 2005.jpg - Wikimedia Commons

ब्रैड स्टोन की कितबा ‘द एवरीथिंग स्टोर: जेफ़ बेजोस एंड द ऐज ऑफ अमेज़न’ के मुताबिक़ अमेज़न के 1995 में लॉन्च के बाद एक महीने के अंदर इसने 50 राज्यों और 45 देशों से ऑर्डर लिए.

पहले पांच साल में अमेज़न के ग्राहकों की संख्या एक लाख 80 हज़ार से बढ़कर एक करोड़ 17 लाख पर पहुंच गई. इसकी बिक्री 5 लाख 11 हज़ार डॉलर से बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गई.

कंपनी के पास बड़े निवेशक आने लगे. यह 1997 में सार्वजनिक हो गई और देखते ही देखते जेफ़ बज़ोस 35 साल की उम्र से पहले दुनिया के सबसे अमीर शख़्स बन गए.

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Amazon बाजार पूंजीकरण के लिहाज से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी


अमेजन के बाजार पूंजीकरण (बाजार हैसियत) की बात करें, तो यह 25 साल से भी कम समय में 10 खरब डॉलर तक पहुंचा है.

इस मामले में अमेजन एपल के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। सितंबर 1997 में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 3,600 करोड़ रुपये था, जो अक्तूबर 2009 में 2.40 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

जुलाई 2011 में यह 4.70 लाख करोड़ रुपये था, जुलाई 2017 में 32.50 लाख करोड़ रुपये। इसके बाद सितंबर 2018 तक यह लगभग दोगुना यानी 68 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं अगस्त 2020 में इसने 125.80 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया।

ग्राहक संतुष्टि के मूल मंत्र पर काम करती है Amazon


साल 2005 में कंपनी ने अमेजन प्राइम मेंबरशिप की शुरुआत की थी, जिससे कंपनी को नई ऊंचाइयां मिली। बेजोस हमेशा से ही ग्राहक संतुष्टि के मूल मंत्र पर काम करते आए हैं, जिसके लिए कंपनी ने कई प्रयोग भी किए हैं। 


2018 के बाद से अब तक हैं सबसे अमीर रईस शख्स


बात अगर जेफ बेजोस की संपत्ति की करें, तो 2018 के बाद से अब तक वे दुनिया के सबसे अमीर रईस शख्स हैं। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स सबसे ज्यादा लंबे समय तक दुनिया के सबसे अमीर शख्स रहे हैं। साल 1999 से 2007 तक यानी आठ सालों तक बिल गेट्स फोर्ब्स की लिस्ट में शीर्ष पर रहे हैं।

जबकि 2008 में इस सूची में पहले स्थान पर वॉरेन बफे थे। लेकिन इसके एक साल बाद ही गेट्स ने दोबारा यह मुकाम हासिल किया। 2010 से 2013 तक लगातार चार साल कार्लोस स्लिम शीर्ष पर थे। वहीं 2014 में गेट्स फिर टॉप पर आ गए। 

Jeff Bezos Net worth in Hindi | इतनी रही बिल गेट्स और जेफ बेजोस की नेटवर्थ 


फोर्ब्स के अनुसार, 1999 में बिल गेट्स की कुल संपत्ति जहां 3.65 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं बेजोस उस समय Rs 43,000 करोड़ रुपये के मालिक थे। उनकी संपत्ति में काफी उतार-चढ़ाव आया है। साल 2015 तक बिल गेट्स की नेटवर्थ बेजोस से ज्यादा थी।

2015 में गेट्स की नेटवर्थ 5.05 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि बेजोस की नेटवर्थ इससे करीब आधी यानी 2.24 लाख करोड़ रुपये थी। लेकिन 2018 से बेजोस की संपत्ति ज्यादा रही है।

2018, 2019 और 2020 में बिल गेट्स की नेटवर्थ क्रमश: 6.12 लाख करोड़ रुपये, 6.79 लाख करोड़ रुपये और 8.58 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं इस दौरान बेजोस की नेटवर्थ क्रमश: 7.61 लाख करोड़ रुपये, 9.17 लाख करोड़ रुपये और 15.17 लाख करोड़ रुपये थी।

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2019 में करीब 60 लाख रुपये थी सैलरी


बेजोस के पास अमेजन के 7.50 करोड़ से ज्यादा शेयर्स हैं। यानी, उनके पास अमेजन में 15.1 फीसदी शेयर्स हैं। 2019 में उन्हें 81,840 डॉलर ( करीब 60 लाख रुपये ) सैलरी के तौर पर मिले थे।

इसके अलावा उन्हें 16 लाख डॉलर यानी करीब 11.50 करोड़ रुपये कंपन्सेशन भी मिला था। 

कोरोना काल में बेजोस की संपत्ति में उछाल


सलाहकार फर्म कंपेरिजन (Comparisun) की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना संकट में लॉकडाउन के चलते एक तरफ जहां ज्यादातर अमीरों को नुकसान हुआ है, वहीं अमेजन का कारोबार तेजी से बढ़ा है.

इसकी वजह से बेजोस की संपत्ति में भी उछाल आया है। 

नए प्रयोगों से डर नहीं

जेफ़ बेज़ोस नए प्रयोग करने और पैसा कमाने के लिए पैसा निवेश करने में नहीं डरते.

दाम घटाना, मुफ़्त डिलीवरी और किंडल ई-रीडर जैसी डिवाइस विकसित करने के लिए उसमें सालों लगाना.

पर जहां संभव हो अमेज़न बचत करने से भी पीछे नहीं हटती.

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jeff bezos ke success ki kahani

इसके मुख्यालय में रहने वाले कमर्चारियों से पार्किंग का भुगतान लेना, आपूर्तिकर्ताओं के साथ लड़ना, अपने गोदामों में श्रमिक संघों के बनने का विरोध करना और जितना हो सके टैक्स देने से बचना

जेफ बेजोस ने 2 फ़रवरी 2021 को अपने CEO इस्तीफे की घोषणा कर दी है। वो दूसरे क्षेत्रों में अपना समय और ध्यान लगाना चाहते हैं. अमेज़न के नए सीईओ एंडी जस्सी (Andy Jassy )होंगे

बेज़ोस ने अपने इश्तिफा पत्र में अंतिम यह लाइन लिखी है


जब विचार पहले की सोच से अजीब दिखे तो आविष्कार करना (Innovation )और निराशा न करना। भटकना याद है। जिज्ञासा को अपना कम्पास मान लें। यह पहला दिन होता है