राहुल और नरेंद्र की दोस्ती

राहुल और नरेंद्र दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। एक बार दोनों रेगिस्तान से गुजर रहे थे। यात्रा में किसी बहस के दौरान नरेंद्र ने राहुल को चेहरे पे झापड़ मारा। राहुल ने बिना कुछ कहे रेत पे लिखा ” मेरे अच्छे दोस्त ने मुझे झापड़ मारा “

Friends Forever

कुछ समय बाद उनको मरुद्यान दिखाई दी और वो लोग उस और चल पड़े। वहां पर दोनों नहाने लगे लेकिन कुछ समय बाद राहुल को एहसास नहीं हुआ की वो किनारे के दल दल में चला गया है। बहुत मुश्किल से नरेंद्र ने राहुल को खींच कर बहार निकाला।

राहुल बहार आने के बाद, उसने एक पत्थर पर लिखा :”आज मेरे दोस्त ने मेरी जान बचाई।”

नरेंद्र ने राहुल से उत्सुकता से पूछा ;”मैंने तुमको झापड़ मारा तो तुमने रेत में लिखा और अभी पत्थर पे , ऐसा क्यों?”

राहुल ने उत्तर दिया; ” जब कोई ठेश पहुचाये तो उसे रेत में लिखने से क्षमा की हवाएं मिटा देंगी। लेकिन जब कोई अच्छा करे तो उसे पत्थर पे लिख के हमेशा के लिए स्थापित कर देना चाहिए। “

इतना सुनते ही नरेंद्र ने राहुल को गले लगाते हुए माफ़ी मांगी और दोनों दोस्त ख़ुशी ख़ुशी अपनी मंजिल की तरफ चल दिए

कहानी से सीख :
अपने जीवन में मूल्यों को पत्थर की लकीर की तरह साथ रखे

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