मुर्गा

एक किसान के पास एक ऐसा मुर्गा था जो रोज सोने के अंडे देता था। उस अंडे को बेच के किसान अपने परिवार का लालन पालन करता था। उसका परिवार खुशहाल था और ऐसा काफी दिन चला। अचानक एक दिन किसान ने सोचा ” एक दिन में एक अंडा ही क्यों मिल रहा है ?क्यों ना सारा अंडा एक दिन में ही मिल जाए ?”

उस किसान की बेवक़ूफ़ पत्नी भी इस बात से खुश थी और दोनों ने मुर्गे के पेट को फाड़ कर सारे अंडे निकालने का प्लान बनाया। जैसे ही उन्होंने मुर्गे को मारा और उसके पेट को फाड़ा तो उन्हें केवल खून और मांस का टुकड़ा मिला और कोई सोने का अंडा नहीं मिला।

किसान को अपनी बेवकूफी पर बहुत पछतावा हुआ।

कहानी से सीख :लालच करना ठीक नहीं होता।

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