मिडास

ग्रीस में एक मिडास नाम का राजा रहता था। उसके पास अथाह सोना चांदी और पैसा था। उसको सोने से विशेष प्यार था लेकिन उससे भी ज्यादा उसको अपनी बेटी से प्यार था। एक बार देवता शराब के नशे में मिडास के गुलाबो के बगीचे में पहुंचे। यह सोच के की ये भगवान् अच्छा भाग्य लाते है मिडास ने उन्हें अपने बगीचे में ही रहने दिया जब तक वो नशे से बाहर नहीं आते। होश में आने के बाद मिडास की करुणा और समझदारी को देख के देवता उसको इनाम देने का सोचा।

जब मिडास से एक वरदान मांगने को पूछा गया तो उसने बोला ” मै चाहता हु की मै जिस चीज़ को छुवा करू वो सोना बन जाए। ” भगववान ने उसकी यह ईक्षा पूरी कर दी। यह वरदान पाकर वह खुश था और पूरे महल में कुछ भी छुने पर सारी चीज़ें सोने में बदल जाती। उसकी प्रजा यह देख के आश्चर्य से चकित और खुश थी।

King Midas and Daughter

थोड़ी देर में उसने अपनी छोटी बेटी को देखा और उसको अपनी बाहो में उठा लिया। लेकिन जैसे ही उसने अपनी बेटी को छुवा वह भी निर्जीव सोने की मूर्ती बन गयी। राजा बहुत दुखी हुआ और उसने भगवान् से प्रार्थना की उसकी यह शक्ति वापस ले ले और उसको बेटी लौटा दे। भगवान् ने उसकी बात मान कर उसकी वह शक्ति को खत्म कर दिया और साड़ी चीज़ें अपने असल रूप में आ गए। इसी के साथ उसकी बेटी भी वापस से जिन्दा हो गयी

कहानी से सीख : संतोष ही सबसे बड़ा सुख है।

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