चरवाहा लड़का

एक चरवाहा लड़का अपने भेड़ो के झुण्ड को जंगल में चराने ले जाता था और एक बार बोर हो कर उसने सोचा क्यों न एक खेल खेलें। इसी सोच से वह जोर जोर चिल्लाने लगा “भेड़िया,भेड़िया ,भेड़िया भेड़ के बच्चे को ले जा रहा है । ” खेतो में काम कर रहे किसान भागते भागते उसके पास आये। किसान आते ही पूछे “किधर है भेड़िया ?” लड़के ने हसते हसते बोला “कोई भेड़िया नहीं था ,मै बोर हो गया था इसलिए सोचा की आप लोगो को बुला लूँ | ” किसान बहुत गुस्सा हुए और उसको डांटा और फिर वह से वापस खेत में चले गए। ऐसा ही उस लड़के ने चार पांच बार और किया और हर बार किसान आते थे लेकिन हर बार वह लड़का मजाक कर रहा होता था

village boy
Village Boy

एक बार सचमूच में भेड़िया उसके सामने आ गया और जल्द से वह लड़का पेड़ पे चढ़ के अपनी जान बचाया। हर बार की तरह इस बार भी वह लड़का भेड़िया कह कर चिल्लाया लेकिन किसानो को लगा की इस बार भी मजाक कर रहा है और कोई भी नहीं पंहुचा। इसी बिच भेड़िया ने एक भेड के बच्चे को उठा कर लेता चला गया।

कहानी से सीख :एक झूठे का सच कभी नहीं माना जाता है।

%d bloggers like this: