Hard work story in hindi for class 3 | मेहनत का फल

Hard work story in hindi

एक गांव में दो भाई रवि और राहुल रहते थे। रवि बहुत धार्मिक था और भगवान को बहुत मानता था। राहुल बहुत मेहनती थी। एक बार दोनों ने मिलकर एक बीघा जमीन खरीदी। जिससे वह बहुत फ़सल ऊगा कर अपना घर बनाना चाहते थे।

राहुल तो खेत में बहुत मेहनत करता लेकिन रवि कुछ काम नहीं करता बल्कि मंदिर में जाकर भगवान से अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करता। ऐसा करते करते तीन महीना बीत गया। कुछ समय बाद खेत की फसल पक कर तैयार हो गयी। इस फसल को काटकर दोनों ने बाजार ले जाकर बेच दिया और उनको अच्छा पैसा मिला। घर आकर राहुल ने रवि को कहा की इस धन का ज्यादा हिस्सा मुझे मिलेगा क्योंकि मैंने खेत में ज्यादा मेहनत की है।

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Hard work story in hindi for class 3

यह बात सुनकर रवि बोला नहीं धन का तुमसे ज्यादा हिस्सा मुझे मिलना चाहिए क्योकि मैंने भगवान से प्रार्थना की तभी हमको अच्छी फ़सल हुई। भगवान के बिना कुछ संभव नहीं है। धन के बॅटवारे के मामले को लेकर दोनों गांव के मुखिया के पास पहुंचे।

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मुखिया ने सारी बात सुनकर उन दोनों को एक – एक बोरा चावल का दिया जिसमें कंकड़ मिले हुए थे। मुखिया ने कहा की कल सुबह तुम दोनों को इसमें से चावल और कंकड़ अलग करके लाने है तब में निर्णय करूँगा की इस धन का ज्यादा हिस्सा किसको मिलना चाहिए।

mehnat ki kahani

दोनों चावल की बोरी लेकर अपने घर चले गए। राहुल ने रात भर जागकर चावल और कंकड़ को अलग किया। रवि चावल की बोरी को लेकर मंदिर में गया और भगवान से इसके लिए प्रार्थना की।

अगले दिन सुबह राहुल जितने चावल और कंकड़ अलग कर सका उसको ले जाकर मुखिया के पास गया। जिसे देखकर मुखिया खुश हुए। रवि वैसी की वैसी बोरी को ले जाकर मुखिया के पास गया।

मुखिया ने रवि को कहा की दिखाओ तुमने कितने चावल साफ़ किये है। रवि ने कहा की मुझे भगवान पर पूरा भरोसा है चावल साफ़ हो गए होंगे। जब बोरी को खोला गया तो चावल और कंकड़ वैसे के वैसे ही थे।

मुखिया ने रवि को कहा की भगवान भी तभी सहायता करते है जब तुम मेहनत करते हो। इसके बाद रवि भी राहुल की तरह खेत में मेहनत करने लगा और अबकी बार उनकी फ़सल पहले से भी अच्छी हुई।

Moral of the story:


सीख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हमें कभी भी भगवान के भरोसे नहीं बैठना चाहिए। हमें सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।