Moral stories in hindi for class 5 kids | मिठाई की खुशबू

एक किसान अपने खेतों में काम कर घर लौट रहा था। रास्ते में एक हलवाई की दुकान थी। उस दिन किसान ने कुछ ज्‍यादा काम किया था और उसे भूख भी खूब लग रही थी। जब वह हलवाई की दुकान के पास से गुजरा तो उसे मिठाइयों की खुशबू आने लगी। वह वहां खुद को रोक नहीं रह पाया। उस दिन उसके पास ज्यादा पैसे नहीं थे, ऐसे में वह मिठाई खरीद नहीं सकता था, तब वह कुछ देर वहीं खड़े होकर मिठाइयों की सुगंध का आनंद लेने लगा।

Moral Stories In Hindi For Class 5 Kids- Mithai Ki Khusbu

जब मिठाईवाले ने किसान को मजे से उसकी दुकान की मिठाइयों की खूशबू का मजा लेते देखा, तब उससे किसान की खुशी देखी नहीं गई, वह किसान के पास गया और बोला पैसे निकालो। किसान हैरान हुआ और बोला कि मैंने तो मिठाई नहीं खरीदी और न ही चखी है फिर पैसे किस बात के? हलवाई बोला, भले ही तुमने मिठाई नहीं लिया हो, लेकिन मेरी मिठाई की खुशबू का आनंद तो लिया है।

हलवाई बोलने मिठाई की खुशबू लेना मिठाई खाने के बराबर ही है तो तुम्हें अब इसके पैसे देने होंगे।

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किसान पहले थोड़ा घबराया, लेकिन फिर थोड़ी सूझबूझ दिखाते हुए उसने अपनी जेब से कुछ सिक्के निकाले और उन्‍हें दोनों हाथों के बीच में डालकर खनकाया। अब खनकाने के बाद किसान अपने रास्ते जाने लगा।

हलवाई बोला, मेरे पैसे तो दो! किसान ने कहा, जैसे मिठाई की खुशबू का आनंद लेने मिठाई खाने के बराबर ही है, वैसे ही सिक्कों की खनक सुनना भी पैसे लेने के बराबर ही है।


कहानी से सिख


कई बार जीवन में हलवाई के जैसे लोग भी मिल जाएंगे, ऐसे में आप घबराएं नहीं। सूझबूझ से इन्हें जवाब दें और समस्या से इस किसान की तरह ही बाहर निकल जाएं।