Motivational story of Nithin Kamath Zerodha in hindi – नितिन कामथ

आज यहां पर आपको एक ऐसे युवा की कहानी और बातें बताने जा रहे हैं जो कि शेयर मार्केट और स्‍टॉक एक्‍सेंज की दुनिया में बहुत नाम कमा चुके हैं। नितिन कामथ ने अपनी नौकरी को छोड़ कर अपने सपने को पूरा करने के लिए शेयर मार्केट की राह अपनाई। नितिन स्‍टॉक ट्रेडिंग मार्केट में अपनी मजबूत जगह बना चुके हैं। आज ये देश के सफल कारोबारियों में से एक हैं।

नितिन कामथ
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कामथ का जन्म 5 अक्टूबर 1979 को एक मध्यम वर्ग के कामकाजी परिवार में हुआ था। छह साल बाद छोटे भाई निखिल का जन्म हुआ। नितिन ने अपनी प्राथमिक स्कूली शिक्षा स्थानीय प्राथमिक विद्यालयों से पूरी की।

अगस्त 2010 में, निथिन ने, अपने भाई निखिल के साथ, ज़िरोधा को लॉन्च किया, और इसने फ्लैट ब्रोकरेज शुल्क के रूप में 20 रुपये की पेशकश की। उनको रॉबिनहुड ऑफ इंडिया ’, कहा जाता है। ज़ेरोधा का उद्देश्य ट्रेडिंग अवरोध मुक्त बनाना है। इसका नाम ’शून्य’ और ’रोथा’ शब्दों से आया है, जिसका संस्कृत में अर्थ है अवरोध। यदि आप दोनों को एक साथ रखते हैं, तो इसका मतलब शून्य अवरोध है।

नितिन के पड़ोस में मारवाड़ी व्यापारी रहते थे जिसकी वजह से स्टॉक मार्केट में कारोबार का पता लगा और उनका उन्हें शेयर बाजार और व्यापारिक उद्योग में पेश किया गया था।

निथिन ने तब व्यापार करना शुरू किया जब वह अपनी मां के खाते से सिर्फ 17 साल की थी।

नितिन ने बैंगलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार में विशेषज्ञता हासिल की। ​​ स्नातक करने के तुरंत बाद नितिन ने व्यापार करना शुरू कर दिया और पूंजी निर्माण के लिए कॉल सेंटर में भी काम किया। निथिन ने अन्य लोगों के लिए व्यापार के माध्यम से संपत्ति का प्रबंधन शुरू किया।

कामथ ने एक सब ब्रोकर के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने 2006 में रिलायंस के साथ एक मनी मैनेजर के रूप में काम किया और 2010 के अंत तक उन्होंने और उनके छोटे भाई ने ज़ेरोधा की स्थापना की। द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा भारत में छूट के लिए नितिन को “2016 में भारत के लिए शीर्ष 10 व्यवसायियों में से एक” का नाम दिया गया था। दोनों भाइयों का नेट वर्थ Rs 24 000 करोड़ रुपये है। ”

Inspirational Real Life Sucess Stories In Hindi Nithin Kamath Zerodha

अगस्त 2010 में, निथिन ने, अपने भाई निखिल के साथ, ज़िरोधा को लॉन्च किया, और इसने फ्लैट ब्रोकरेज शुल्क के रूप में 20 रुपये की पेशकश की। उनको रॉबिनहुड ऑफ इंडिया ’, कहा जाता है। ज़ेरोधा का उद्देश्य ट्रेडिंग अवरोध मुक्त बनाना है। इसका नाम ’शून्य’ और ’रोथा’ शब्दों से आया है, जिसका संस्कृत में अर्थ है अवरोध। यदि आप दोनों को एक साथ रखते हैं, तो इसका मतलब शून्य अवरोध है। ४० लाख

ब्रोकरेज फर्म है जिरोधा

40 लाख से अधिक ग्राहक हर दिन लाखों ऑर्डर देते हैं, जो कि निवेश प्लेटफार्मों के हमारे शक्तिशाली

पारिस्थितिक तंत्र के माध्यम से होते हैं, जो सभी भारतीय खुदरा व्यापार संस्करणों के 15% से अधिक का योगदान देते हैं।


नितिन के द्वारा शुरू की गई जिरोधा अपनी तरह की एक खास ब्रोकरेज फर्म है जो कि स्टॉक, कमोडिटी और भारत में करेंसी एक्सचेंज में मेम्बरशिप रखती है। यह अपनी तरह की पहली कंपनी है जिसने पुराने प्राइसिंग के तरीके के बजाय समान फीस पर ट्रेड को अपनाया है।

जिरोधा कंपनी के हैं संस्‍थापक


नितिन कामथ, ज़िरोधा के संस्थापक और सीईओ, जिन्होने छोटी उम्र में ही शेयर खरीदना शुरू कर दिया था, वे ट्रेडिंग मार्केट की तुलना रोड पर गाड़ी चलाने से करते हैं “गाड़ी चलाते हुये आपको अपने दिमाग से निर्णय लेने होते हैं, दिल से नहीं। यदि आप दिमाग पर ज़्यादा लोड लेते हैं तो आप दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं”। इसी तरह वो कहते हैं कि मार्केट में भी ऐसी स्थितियां आती रहती हैं जिनसे दुर्घटना हो सकती है। इसीलिए, मैं कहता हूं कि आप अगर डर गए तो पैसा नहीं कमा सकते हैं।

युवा अवस्‍था में ही जुड़ गए थे स्‍टॉक मार्केट से

नितिन कहते हैं कि युवावस्था में जल्दी ही शेयर ट्रेडिंग और स्टॉक मार्केट से जुड़ना उनके लिए फायदेमंद रहा है। इससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और उन्होने नई कोशिशों व गलतियों से सीखा। उनका कहना है “मेरे लिए सब अच्छा रहा। लेकिन यह सब मेरे लिए बुरा भी हो सकता था। मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे पेरेंट्स मेरे साथ खड़े थे। आज, हर कोई इसे जुनून कहता है। लेकिन मेरी ज़िंदगी के 10 सालों में लोगों ने सोचा मैं मूर्ख हूं। लोगों ने कहा कि मैं अपना समय ट्रेडिंग में क्यों खराब कर रहा हूँ जब कि मैं एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम कर सकता हूं।”

खोने का ना हो डर


निथिन के अनुसार, पैसा लगाते हुये यह डर नहीं होना चाहिए कि मैं मार्केट में कुछ खो दूंगा। एक ट्रेडर के रूप में यह एक बड़ा संशय है, उस पैसे को मार्केट में लगाना जिसे आपको खोने का डर है।

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दो तरह के होते हैं स्‍टॉक ट्रेडर्स

दो तरह के स्टॉक ट्रेडर्स होते हैं – एक वो जो मुनाफा कमाते हैं और एक वो जो मुनाफा नहीं कमाते हैं। उनका मानना है कि दरअसल एक जीतने वाला ट्रेडर जानता है कि जोखिम को मैनेज कैसे करना है।

ब्रोकरेज फर्म है जिरोधा

यूचुअल फंड में निवेश से करें शुरुआत तो यदि आपको ऐसी कंपनी के सीईओ के साथ समय बिताने को कहा जाये तो निःसन्देह आपका प्रश्न होगा कि शेयर बाज़ार से पैसे कैसे कमाए जाए। नितिन इस बारे में कुछ ऐसा कहते हैं… ऐसे लोग जिन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश के बारे में कुछ भी पता नहीं होता है, ऐसे लोगों को भिन्न म्युच्यूअल फंड्स में निवेश से शुरुआत करनी चाहिए।


म्युच्यूअल फंड्स पैसे बचाने का अच्छा तरीका है, इनसे आप धनवान नहीं बन सकते हैं। धनवान बनने के लिए आपको सीधा निवेश करने की जरूरत है। शेयर वही खरीदें जिसके बारे में जानते हैं स्टॉक मार्केट पूरी तरह ट्रेंड को पहचानने पर आधारित है। आपको बिजनेस पर कड़ी नज़र रखने की ज़रूरत रहती है।

ऐसी कंपनियों के शेयर खरीदें जिन्हें आप जानते हैं। उदाहरण के तौर पर, एक केमिस्ट के लिए यह ट्रेक करना मुश्किल है कि ऑटो इंडस्ट्री में क्या हो रहा है। मार्केट के बारे में पढ़ें मार्केट के बारे में पढ़ना शुरू करें। हमने भी इस दिशा में लोगों को शिक्षित करने के लिए ज़िरोधा वर्सिटी की शुरुआत की है जो कि इक्विटी मार्केट की हर बात को जानने की एक अच्छी जगह है।

नितिन का मानना है कि एक उद्योगपति या स्टॉक ट्रेडर बनने के लिए अपना 100 प्रतिशत लगना आवश्यक है। इसका कोई शॉर्टकट नहीं है। पैसे फोकस नहीं काम पर फोकस हो निथिन का कहना है कि ट्रेडिंग में मैंने पहले पैसे का टार्गेट रखा। “जब तक मैंने पैसे का पीछा किया, मैं सफल नहीं रहा। मेरी ज़िंदगी 2007/2008 में बदली जब मैंने महसूस किया कि पैसे का टार्गेट निर्धारित करना सही तरी

कुछ लोग अपने विश्वास को और सशक्त बनाने के लिए कॉर्पोरेट नौकरियों को हमेशा के लिए अलविदा कह देते हैं और अपने सपने को पूरे करने के लिए आगे बढ़ जाते हैं। इसी की मिसाल हैं नितिन कामत। जीवन में चमत्कार नहीं, मेहनत काम आती है। आगे बढ़ने के लिए खुद में विश्वास जरूरी है ऐसा मानना है नितिन का।