Harry Potter writer j k Rowling story in hindi | जे.के. राउलिंग

आज मैं आपको एक ऐसे famous personality की संघर्ष भरी story बताउंगी, जिनकी motivational story in hindi पढ़ने के बाद आप अपने आपको खुश-किस्मत मानोगे और अपने लक्ष्य कि तरफ बढ़ोगे। इनकी कहानी top inspirational hindi stories में आती है।

ये कहानी है Joanne Kathleen Rowling [ writer of harry potter ] की है जो कभी depression का शिकार थी और सब कुछ खो चुकी थी सिवाए अपनी हिम्मत, हौसला और never give up attitude को। तो चलिए jk rowling biography कहानी शुरू करते हैं।

Harry potter writer JK Rowling सबसे influential women में से एक हैं जिन्होंने दुनिया को दिखाया कि दृढ़ संकल्प और विश्वास आपको किसी भी तरह के बुरे हालात से बाहर खींच सकते हैं, और कड़ी मेहनत वास्तव में safalta दिलाती है। इस जीवनी से शायद आपको safalta ke sutra ( safalta ke mantra ) मिल जाएँ।

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जे.के. राउलिंग – लेखक जिनकी पुस्तक श्रृंखला का 73 भाषाओं में अनुवाद किया गया है, उनकी लाखों प्रतियां बिकीं और फिल्म रूपांतरण और प्रायोजन के माध्यम से $ 20 बिलियन से अधिक की कमाई हुई। तो वह ऐसी असफलता स्वीकार क्यों करती है?

उसकी बुक सीरीज़ बनाना कुछ डिनर नैपकिन पर नोटों को खंगालना जितना आसान नहीं था। यह एक, दो या तीन चरण की प्रक्रिया नहीं थी। आज वह जिस मुकाम पर है, उसे बनने में कई साल लग जाएंगे।

हैरी पॉटर के लिए विचार की कल्पना करने के तुरंत बाद, राउलिंग ने लिखना शुरू कर दिया लेकिन अपनी माँ की विनाशकारी मौत से तुरंत अपने काम से दूर हो गए। राउलिंग ने किताब पर काम करना बंद कर दिया और एक गहरे शोकग्रस्त अवसाद में डूब गए, उस समय में कुछ भी पूरा नहीं हो पा रहा था।

शिकायत से खुद को खोदने की उम्मीद में उसने एक साल तक पुर्तगाल में अंग्रेजी पढ़ाने का काम किया। विदेश में उद्यम करने का उसका लक्ष्य अपनी परेशानियों से दूर जाना था और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि अपनी पुस्तक पर काम करना जारी रखने के लिए अपने समय का उपयोग करें। उसने पुर्तगाल से लौटते समय की पहली हैरी पॉटर पुस्तक होने का लक्ष्य निर्धारित किया।

योजना के अनुसार चीजें नहीं हुईं।

न केवल वह अपनी पहली पुस्तक पर प्रगति करने में विफल रही, लेकिन उसके बाद में गिर गई, और फिर प्यार हो गया, वह एक असफल शादी और एक बेटी के साथ समाप्त हो गई जिसे अब उसे अकेले ही उठाना पड़ा। वह कुछ भी नहीं करने के लिए वापस आ गया। उसके पास कोई नौकरी नहीं थी, कोई तैयार उत्पाद नहीं था और खिलाने के लिए दो मुंह थे। उसने रॉक बॉटम मारा था। जैसे-जैसे वह अवसाद से जूझती गई, अपने आप ही एक बच्चे की परवरिश करती रही और मामूली बेरोजगारी के फायदे से दूर रही, उसने कैफे में अपनी किताब पर काम करना शुरू कर दिया, जबकि उसकी बेटी सो रही थी।

Harry Potter writer j k Rowling story in hindi

कई असफलताओं के बावजूद, उसने ऐसा करने के लिए सांत्वना पाई जो उसे पसंद थी – लेखन। वास्तव में, उसने पाया कि वह जो छोटी थी वह मामूली रूप से खुश होने के लिए पर्याप्त थी। वह बिल्कुल उसी स्थिति में समाप्त हो गई थी जिसमें उसे सबसे ज्यादा डर था और उसने पाया कि यह इतना बुरा नहीं था। डरने के लिए कुछ भी नहीं बचा था और उसके काम ने उस मानसिकता को प्रदर्शित किया।

जब राउलिंग ने पहले तीन अध्यायों को पूरा किया, तो उसने पांडुलिपि को एक प्रकाशक को भेज दिया – वे जल्दी से इस परियोजना से गुजर गए।

उसने इसे दूसरे प्रकाशक को भेज दिया। फिर, जवाब नहीं था। उसका मेलबॉक्स अस्वीकृति पत्र से भर गया, लेकिन उसने उसे रोकने नहीं दिया।

“असफलता का मतलब था, अलग होना। मैंने खुद से बहाना बंद कर दिया कि मैं जो कुछ भी था, उसके अलावा मैं कुछ भी नहीं था, और मेरी सारी ऊर्जा को केवल उसी काम को पूरा करने के लिए निर्देशित करना शुरू कर दिया जो मेरे लिए मायने रखता था। ” — जे.के. राउलिंग

12 अलग-अलग प्रकाशकों को उसकी पांडुलिपि भेजने और हर एक को अस्वीकार करने के बाद, राउलिंग ने अपनी पुस्तक में आत्मविश्वास खोना शुरू कर दिया। अंत में, ब्लूम्सबरी प्रकाशन कंपनी के संपादक पांडुलिपि पढ़ने के लिए बैठ गए। और इसलिए संपादक की 8 साल की बेटी थी। छोटी लड़की शुरुआती अध्यायों से प्यार करती थी और पूरी बात पढ़ने की भीख माँगती थी। इसने प्रकाशक को राउलिंग के उपन्यास को प्रकाशित करने के लिए सहमत किया। लेकिन राउलिंग को एक चेतावनी के साथ छोड़ दिया गया था: कि उसे एक दिन की नौकरी मिलनी चाहिए क्योंकि वह बच्चों की किताबें लिखने में कोई पैसा नहीं लगाएगा। एक बार जब हैरी पॉटर और जादूगर का पत्थर प्रकाशित हुआ, हालांकि, उसने सभी को गलत साबित कर दिया।

J.K. Rowling ब्रिटेन की एक प्रसिद्ध लेखिका है, जिसने Harry Potter novel series लिखी है। Harry Potter novels दुनिया कि सबसे ज़्यादा बिकने वाली book series है, जिसकी अब तक 1 million copies बिक चुकी है।

“असफलता का मतलब ग़ैर ज़रुरी चीज़ों का चले जाना ” – JK Rowling
“It is impossible to live without failing at something, unless you live so cautiously that you might as well not have lived at all – in which case, you fail by default.” — J.K. Rowling

“जो आनेवाला है वह ज़रूर आएगा और हमें सिर्फ इससे मिलना होता है जब यह घटित होता है “ – JK Rowling

J.K. Rowling [ writer of harry potter ] अपने जीवन में सबसे दर्दनाक पल का वर्णन करती है, जिस दिन उसकी माँ का निधन हुआ था – यह 1991 में नव वर्ष का दिन था जब राउलिंग 25 वर्ष की थी। वह अफ़सोस जताते हुए बताती है कि उसकी मां को नहीं पता था कि वह novel लिख रही थी।

अपनी मां की मृत्यु के बाद, राउलिंग एक नई शुरुआत के लिए उत्तरी पुर्तगाल चली गई और अंग्रेजी को एक विदेशी भाषा के रूप में पढ़ाया। उसके बाद उसने एक ऐसे व्यक्ति के साथ डेटिंग शुरू कर दी, जिससे उसने बाद में शादी की और अपनी बेटी जेसिका के साथ गर्भवती हुई।

अपनी बेटी, बेरोज़गारी और दरिद्रता के साथ एक तंग अपार्टमेंट में रहते हुए, Rowling एक गहरे अवसाद ( deep depression ) का शिकार हो गई और सुसाइड करने के बारे में सोचने लगी। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और नावेल को पूरा लिखने का फैसला किया।

“मैं मानती हूँ कि जबतक आप जीवित हैं, आप काम कर रहे हैं और सीख रहे हैं ” – JK Rowling

ब्रिटिश सरकार से मिलने वाली unemployment money कि सहायता के बल पर वह ना केवल अपनी बेटी का पालन पोषण करने लगी बल्कि एक cafe में Harry Potter लिखने में ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगी।

Rowling ने सन 2008 में Harvard University में एक भाषण में कहा था “एक असफल शादी ने मुझे अन्दर से तोड़ दिया था, और मैं बेरोजगार थी, एक अकेली माँ, नये ब्रिटेन में बहुत ज्यादा गरीब, मैं जानती थी कि मैं ज़िन्दगी में हर तरफ से हार चुकी थी।”

Rowling ने ‘Harry Potter & The Philosopher’s Stone’ की मेनुस्क्रिप्ट कई book publishers को भेजी, लेकिन सबने उसे यह सोचकर मना कर दिया कि बच्चों की जादू भरी कहानियों में वह दम नहीं होता, जो लोगों को आकर्षित कर सके. 12 Publishers ने उनकी menu-script को reject किया, लेकिन Rowling एक उम्मीद के साथ novel स्क्रिप्ट को publishers को भेजती रही।

तब आखिर वो वक्त आ गया जब सन 1997 में London के publishing house “Bloomsbury” के चेयरमैन कि बेटी ने Harry Potter में रूचि दिखाई और ये देख चेयरमैन ने इस novel को छापने का फैसला क्या और Rowling को 2000 pounds भी दिए।

यहीं से Rowling कि ज़िन्दगी में नया सवेरा हुआ जब पहले novel “Harry Potter & The Philosopher’s Stone” ने पूरी दुनिया में धूम मचा दी। बच्चोँ और बड़ों दोनों को novel काफी रोमांचक लगा।

“Scottish Art Council” उनके काम से इतनी प्रभावित हुई कि उन्हें ‘Harry Potter’ की पूरी सिरीज़ लिखने के लिए ग्रांट प्रदान की। इसके बाद ‘Harry Potter’ सिरीज़ के सात और novel छपे और सभी novel को रिकॉर्ड तोड़ सफ़लता प्राप्त हुई।

‘Harry Potter’ novel की बदौलत Rowling न सिर्फ विश्व की सबसे famous writers में शुमार हुई, बल्कि उनकी गिनती विश्व के most rich and influential people में होने लगी। Rowling को कई awards भी मिलने लगे।

इसके बाद Rowling ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कई novels लिखे। अब Rowling बेहद rich author बन चुकी थी। उनकी कुल संपत्ति 2016 में 1 अरब डॉलर तक आंकी गई। लेकिन Rowling ने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक काम और लोगों की भलाई के लिए दान करती रही। उनका कहना था कि अगर ज़रूरत से ज्यादा पैसा हो तो उसे लोगो कि भलाई के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।

हमें उम्मीद है कि यह real life successful story आपको अवसाद और चिंता को हराने के लिए प्रेरणा और आशा motivational story in hindi देगी और आप उन चीजों पर काम करना शुरू कर दोगे जो जिसका आप सपना देखते हैं। अगर ऐसा है तो नीचे कमेंट में अपने सपने के बारे में लिखे।