डोसा | moral story in hindi

दीपिका अपने यहां डोसा का दूकान चलाती थी। एक बार सवेरे में डोसा में पड़ने वाला मसाला खराब हो गया था। अब वह सोचने लगी की अगर वह खराब मसाला डालेगी तो पूरा मसाला खराब हो जायेगा। या फिर उसको दूकान से नया मसाला अभी तुरंत जाकर लाना होगा।

वह तुरंत उठी और दूकान से मसाला लाकर नया मसाला डोसा की सामाग्री में दाल दिया। इससे उसका उस दिन वाला डोसा स्वादिस्ट बना और किसी ग्राहक ने असंतोष जाहिर नहीं किया

कहानी से सीख : हर चीज़ का समाधान होता है। परिश्रम करना होता है।

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