Advertisements

constipation prevention and cure in hindi कब्ज़ के कारण इलाज

कब्ज़ यानी पेट का साफ़ ना होना; आज के समय मे एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। एक स्टडी के अनुसार हर 40-50 प्रतिशत कब्ज़ से परेशान रहते हैं और उसका कारण है अनियमित जिंदगी या कार्य है जैसे कि –

ज्यादा जंक फूड का सेवन करना,
कम पानी पीना,
समय पर न सोना,
एक्सरसाइज ना करना, आदि।

आज इस लेख में कब्ज़ के हर तथ्य की पूरी जानकारी देंगे

कब्ज़ क्या है ? constipation in hindi


कब्ज़ एक अवस्था है जिसमें आपको मल त्याग करने में काफी कठिनाई होती है। कब्ज़ को अंग्रेज़ी में constipation कहते हैं ! डॉक्टर्स के अनुसार अगर आप 1 सप्ताह में सिर्फ 3 बार या उससे कम बार माल त्याग करते हैं तो आपको काफी गंभीर कब्ज़ की समस्या है। यह किसी को भी हो सकती है और किसी भी आयु में हो सकती है।

कब्ज में मल सूख जाता है और इसके कई कारण हो सकते हैं। मल आसानी से गुदे से बाहर नहीं आता।

कब्ज़ के लक्षण symptoms of constipation in hindi

क्या आज आपको टॉयलेट में ज़्यादा वक़्त लग रहा और पेट भारी लग रहा है और ऐसा महसूस हो रहा कि पेट ठीक से साफ़ नहीं हुआ तो आपको कब्ज़ हो सकता है।

आइए जानते हैं कब्ज़ के कौन-कौन से लक्षण होते हैं:

सामान्य से कम बार मल त्याग करना
मल का सख्त होना
मल त्याग करने में काफी कठिनाई होना और मल त्याग करने में
मल त्याग करने के बाद भी ऐसा महसूस होना कि पेट साफ नहीं हुआ
पेट भारी लगना पेट में दर्द या ऐठन महसूस होना
मुंह में छाले आना
ज्यादा जोर लगाने की जरूरत पढ़ाना
टॉयलेट में ज्यादा समय लगना

कब्ज़ के कारण


कम पानी पीना – जब शरीर में तरल की मात्रा कम हो तो मल सूखने लग जाता है । हमें 1 दिन में लगभग 3-5 लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है और , इसलिए हमेशा 3 लीटर पानी रोज पीने की कोशिश करें और गर्मियों में 4-5 लीटर पानी पीने की कोशिश करें अगर आपके शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्त होगी तो आपको कब्ज होने की संभावना कम हो जाएगी।

कम फाइबर युक्त भोजन – भोजन में फाइबर की कमी कब्ज का एक बड़ा कारण मानी जाती है। फाइबर को प्राकृतिक झाड़ू भी कहा जाता है जो हमारे पेट की गंदगी को साफ करने में मदद करता है और जब हम फाइबर युक्त भोजन का सेवन कम कर देते हैं तो कब्ज की समस्या पैदा होने लगती है। फाइबर युक्त भोजन के लिए आप गेंहूँ का आता, मक्का, मटर व रेशे वाली सब्जियां, मटर, नाशपाती, ब्रॉकली, ब्राउन ब्रेड इत्यादि खा सकते हैं।

मैदे का अधिक सेवन – आजकल जंक फूड और फास्ट फूड का सेवन काफी तेजी से बढ़ चुका है जिसके मैदे का सेवन ज्यादा होता हैं। मैदा पेट से चिपक जाता है और कब्ज़ बनाता है।डॉक्टर्स मैदे का अधिक सेवन कब्ज को सबसे बड़ा कारण मानते है।

शारीरिक श्रम कम करना – पहले लोग अधिक शारीरिक श्रम करते थे और खाना भी अधिक खाते थे जिसके कारण उन्हें बीमारियां कम होती थी
और कब्ज़ जैसी बीमारी नहीं थी। पर आज के समय में लोग शारीरिक श्रम कम करते हैं जिसके कारण भी कब्ज़ की समस्या लोगों के बीच ज्यादा है।

प्रेगनेंसी – अक्सर प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कब्जियत हो जाती है इसका कारण होती है शरीर में तरल पदार्थ की कमी। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उनके शरीर से ही बच्चे के लिए खाना और तरल पदार्थ जाता है जिसके कारण उस महिला के शरीर में कई बार पानी की कमी हो जाती है और कब्जियत हो जाती है।

नींद की कमी – कम नींद लेना बहुत ही बुरी आदत है क्योंकि जब आप नींद कम लेते हैं तो आपके शरीर को जरूरत के अनुसार आराम नहीं मिल पाता और आपका खाना भी सही से नहीं पचता जिसके कारण , एसिडिटी, कब्ज़ जैसी समस्याएं हो सकती है इसलिए कोशिश करें कि आप रोज 7 से 8 घंटे की नींद पूरी करें।

मल को रोकना – कई बार लोग दीर्घ शंका के समय मल त्याग नहीं कर पाते यह चीज़ नुकसानदायक होती है और कब्ज का बड़ा कारण बनती है इसलिए आपको आदत डालनी चाहिए कि आप सुबह और शाम को टॉयलेट जाने का टाइम फिक्स कर लें।

दवाइयों का सेवन – कई बार अंग्रेजी दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी कब्ज़ हो जाता है। इसका कारण गैस एसिडिटी होती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कभी भी खुद से किसी अंग्रेजी दवा का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए यह खतरनाक हो सकता है।

तनाव – आज लोगों की जिंदगी में तनाव भी बढ़ रहा है जिसके कारणउनका अपने खान-पान पर सही से कंट्रोल नहीं है जो अंत में कब्ज एसिडिटी और गैस्ट्रिक का कारण बनती है इसलिए तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।

हाइपोथायरायडिज्म – Hypothyroidism एक प्रकार की बीमारी है जिसमें गले में एक थायराइड ग्लैंड होता है जो एक थायरोक्सिन नाम का हार्मोन पैदा करता है। जब यह थायरोक्सिन हार्मोन कम पैदा होने लगता है तो इंसान का वजन बढ़ने लग जाता है इस वजह से भी कब्ज की समस्याएं होती हैं यह कई मामलों में देखा जा चुका है।

कब्ज़ का इलाज

गुनगुना पानी – गुनगुना पानी मल को ढीला करता है और बॉवेल मूवमेंट बढ़ा देता है.अगर आप रोज सुबह उठकर सबसे पहले दो गिलास गुनगुना पानी पीते हैं तो काफी हद तक आपकी कब्ज की समस्या खत्म हो जाएगी। यह एक कब्ज़ भागने के लिए बहुत अच्छी आदत है

निम्बू पानी – अगर आप सुबह में गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ लें तो और इससे आपका कब्ज़ 90% तक कम हो जायेगा। आपका पेट पूरी तरह से साफ हो होगा। आपको इसे रोज दोहराना होगा और अपने जीवन में इस आदत को शामिल कर लेना होगा

इस आदत से आपके पेट में बहुत कम ही बीमारियां होगी और पेट से संबंधित समस्याएं ना के बराबर होंगी। यही नहीं अगर आप गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीते हैं तो यह आपके पेट की चर्बी को कम करने में भी मदद करेगा इस कारण आपका बाधा वजन भी कम होने लगेगा।

गेहूँ के चोकर – गेहूं के चोकर में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जिसके कारण यह पेट की अच्छे से सफाई कर देता है। अगर आपके आटे में चोकर की मात्रा ज्यादा है तो आपको constipation से राहत दिलाने में यह आपकी मदद कर सकता है। मैदे का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि मैदे में चोकर 0% होता है इसलिए हमेशा चोकर युक्त गेहूं के आटे का ही सेवन करें यह आपके पेट को स्वस्थ रखने में मदद करेगा।

अरंडी का तेल – अरंडी के तेल में भी आंतों के अंदर बॉवेल मूवमेंट बढ़ा जाता है, मल ढीला होता है इसके कारण मल त्याग करने में आसानी होती है। इस तेल को अंग्रेजी में Castor oil भी कहते है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप सुबह खाली पेट दो चम्मच अरंडी के तेल का इस्तेमाल करें या तो आप इसे अपने खाने में पकाकर भी खा सकते हैं।

खट्टे फल – खट्टे फल जैसे कि संतरा, मौसंबी, नींबू इत्यादि में citrus तत्व होता है जो मल को ढीला करते है और आंतों के अंदर बॉवेल मूवमेंट को बढ़ाता है। अगर आप खट्टे फलों का सेवन रोज सुबह खाली पेट में करते हैं तो आपको कब्ज़ होने की संभावना बहुत कम रहती है और अगर आपको कब्ज है तो वह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

त्रिफ़ला चूर्ण – त्रिफला चूर्ण को कब्ज ठीक करने के लिए सबसे अच्छा उपाय माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार जो व्यक्ति त्रिफला चूर्ण का सेवन रोज करता है और जिंदगी भर करता है उसका पेट कभी भी खराब नहीं होता। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप रोज रात में एक चम्मच त्रिफला चूर्ण पानी में डालकर इसे पी जाएं सुबह आपका पेट अच्छी तरह से साफ हो जाएगा इसे अपने जीवन में शामिल करें ताकि आप भी हमेशा स्वस्थ रह सकें।

बेकिंग सोडा – बेकिंग सोडा यानी कि Sodium bicarbonate एक बहुत ही बेहतरीन antacid माना जाता है। बेकिंग सोडा का सेवन करने से मल त्याग करने में आसानी होती है और पेट भी साफ हो जाता है. इसका इस्तेमाल कभी-कभी ही कर सकते हैं क्योंकि सोडे का ज्यादा सेवन आपके शरीर के लिए अच्छा नहीं होता। आप एक गिलास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और उससे पी जाएं थोड़ी देर में आपका पेट साफ हो जाएगा।

पपीता – पका पपीता भी आपके पेट को साफ करने में आपकी काफी मदद कर सकता है और पका पपीता कब्ज़ को ठीक करने के लिए एक रामबाण इलाज माना जाता है। पपीता में एक तत्व होता है जो खाने को अच्छी तरह से पचाता है और पेट में बॉवेल मूवमेंट को बढ़ा देता है जिसके कारण मल मुलायम हो जाता है और पेट अच्छी तरह से साफ हो जाता है।

Leave a Comment