चांदी का घड़ा | moral story in hindi

बहुत साल पहले किसी गांव में बाढ़ आई और बहुत सारे घर डूब गए। एक घर में एक मिट्टी का घड़ा और एक चांदी का घड़ा था। दोनों पानी की धार में बहने लगे। चांदी का घड़ा मिट्टी के घड़े को बोलता है ” भाई आप बहुत कमजोर हो आप मेरे साथ आ जाओ, मैं आपको आज किनारे तक ले चलूंगा” इतना सुनकर मिट्टी के घड़े ने चांदी के घड़े को धन्यवाद दिया और कहा ” भाई, मुझे अकेले ही किनारे तक तैरने दीजिए”

chandi ka ghada
pot

जैसे-जैसे तांबे का घड़ा करने की कोशिश करता, वैसे वैसे उस में पानी भरता जाता और वह डूब गया। इसी बीच मिट्टी का घड़ा धीरे धीरे किनारे तक तैरकर पहुंच गया।

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