Advertisements
Ayushmann Khurrana Shayari in hindi

Ayushmann Khurrana Shayari in hindi

Best Shayaris By Ayushmann Khurrana in hindi

बिना सोचे लिख देता हूँ मैं.
मुफ़्त तारीफ़ पा लेता हूँ मैं.
ज़्यादा सोच कर गर लिखूँ
तो गणित के सवाल सा दिखूँ.”

-आयुष्मान

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) FEBRUARY 9, 2018

माँ ने मेरे बचपन की तस्वीरें बहुत काम खिंची,
कहती है तुझे निखरनेसे फुरसत नहीं मिलती।

सी दिन इतमीनान में मिलना तब बहुत अलग होता हूं,
मसरूफियत में तो बस अलग थलग होता हूं।


“TUM IS SHEHER KI RIVAAYAT SE ANJAAN HO DOST.

YAHAAN YAAD REHNE KE LIYE YAAD DILAANA PADTA HAI.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) JANUARY 9, 2018


“ZIKR TERA HAR LAFZ MEIN KAROONGA..

FIKR NA KAR, TERA NAAM NA LOONGA.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) JANUARY 7, 2018


“ज़िंदगी ने बहुत समझदार बना रखा है,

मुझे आज बस ज़िद करने का मन है।”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) DECEMBER 17, 2017

5.
“बात बात पे मुस्कुराता है यह आदमी..

किसी छोटे शहर से आया हुआ लगता है।”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) JANUARY 6, 2018


“ZAMAANE MEIN TANHAAIYON KA AALAM TOH DEKHIYE,

HUM KHUD KO TAAKTE HAIN, LE LE KE SELFIYAAN.” PIC.TWITTER.COM/ZC8BOAWTYD

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) FEBRUARY 4, 2018

7.
“YEH KAUNSA ANDAAZ MOHABBAT SIKHA GAYI USKO..

WOH ROOTH KAR BHI MUJHSE MUSKURA KAR MILTA HAI.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) DECEMBER 21, 2017


“कितना आसान था बचपन में सुलाना हम को…
नींद आ जाती थी परियों की कहानी सुन कर..”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) OCTOBER 7, 2017


“PEHLE DOST BANEY,
DOST SE JAAN BANEY,
JAAN SE ANJAAN BANEY,
AUR BAS ZINDAGI AAGEY BADH GAYI.”

-AYUSHMANN

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) MARCH 20, 2018

कुछ नहीं मिलता दुनिया में मेहनत के बगैर..,
मेरा अपना साया मुझे धूप में आने के बाद मिला

मंगना ही छोड़ दिया हमने वक़्त किसी से…
क्या पता उनके पास इनकार का भी वक़्त ना हो ।

यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है…,
दरवाजे खोल दो कोई पूछने तक नहीं आएगा।


“बचपन में पापा की लगायी बंदिशो को तोड़ने में बहुत मज़ा आता था,

अब बड़े होकर ख़ुद पर लगायी बंदिशें तोड़ी नहीं जाती.”

-आयुष्मान

“BACHPAN MEIN PAPA KI LAGAYI BANDISHON KO TODNE MEIN BAHUT MAZAA AATA THA,

AB BADEY HO KAR KHUD PAR LAGAYI BANDISHEIN TODI NAHI JAATI.”

-AYUSHMANN

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) MARCH 4, 2018

 एक हसरत थी की कभी वों भी हमें मनाएं,
पर ये कमबख्त दिल कभी उनसे रूठा नहीं।


“KYA HAI SUKOON?
– GHAR KE AANGAN KI MITTI MEIN PEHLI BAARISH KI BOOND.”

-AYUSHMANN

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) MARCH 15, 2018


“अजीब लुत्फ़ था नादानियों के आलम में,
समझ में आई तो बातों का वो मज़ा भी गया.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) OCTOBER 11, 2017


“रात भर चलती रहती है उँगलियाँ मोबाइल पर,
किताब सीने पर रख कर सोये हुये एक ज़माना हो गया।”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) AUGUST 22, 2017


“जिस सादग़ी ने मुझे कहीं का नहीं रखा ,
वो आज कह रही है कुछ तो गुनाह कर.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) NOVEMBER 12, 2017

 गलती करने का हक ना छीन मुझसे,
तू भी कहा होता मेरी जिंदगी में अगर ये हक ना होता


“कुछ नही मिलता
दुनिया में मेहनत के बगैर,

मेरा अपना साया
मुझे धुप में आने के बाद मिला.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) AUGUST 23, 2017


TUMHARI ALMAARI KI KHUSHBU.. PIC.TWITTER.COM/EKLQLFDC1G

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) MARCH 15, 2018


“कपड़े सफ़ेद धो के जो पहने तो क्या हुआ,
धोना वही जो दिल की सियाही को धोइए.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) OCTOBER 15, 2017

अच्छा किरदार निभाया है मेरे इश्क़ में ना रहने का,
अब चलो औकात पे वापस आ जाओ।


“मंज़िलें पाँव पकड़ती हैं ठहरने के लिए,
शौक़ कहता है कि दो चार क़दम और सही।”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) OCTOBER 4, 2017


“मैं गया था सोच के, बातें बचपन की होंगी,
दोस्त मुझे अपनी तरक़्क़ी सुनाने
लगे।”

——————————————

“MAIN GAYA THA SOCH KE, BAATEIN BACHPAN KI HONGI,
DOST MUJHE APNI TARAKKI SUNAANE LAGE.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) MARCH 12, 2018


“KOI GAIR YAAR BANEY,
KOI YAAR BANEY GAIR.
AISI HEE HAI ZINDAGI,
KISI MANTAQ KE BAGAIR.”

-AYUSHMANN

MANTAQ=LOGIC

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) MARCH 11, 2018

 गया था सोच के बातें बचपन की होंगी,
दोस्त मुझे अपनी तरक्की सुनाने लगे।


“ये तो परिन्दों की मासूमियत है वर्ना

दूसरों के घरों में अब आता जाता कौन है.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) DECEMBER 31, 2017


“कितना जानता होगा वो शख़्स मेरे बारे में,

मेरे मुस्कुराने पर जिसने पूछ लिया तुम उदास क्यूँ हो.”

——————————

“KITNA JAANTA HOGA WOH SHAKS MERE BAARE MEIN,

MERE MUSKURAANE PE JISNE POOCH LIYA TUM UDAAS KYUN HO.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) MARCH 1, 2018


EK AZEEM SOORAT JO GAYI,
SHEHER KI SABHI SOORATEIN SAAMNE AA GAYI.

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) FEBRUARY 27, 2018


“हँसना चाहूँ भी तो हँसने नहीं देता मुझको,
ऐसा लगता है कोई मुझसे ख़फ़ा है मुझमें.”

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) OCTOBER 5, 2017


“दिखाने लगता है वो ख़्वाब आसमानों के,
ज़मीं से जब भी मैं मानूस* होने लगता हूँ.”

*FAMILIAR

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) OCTOBER 10, 2017

रास्ते खूबसूरत है तुम्हारे साथ…❤
मंज़िल की फिलहाल बात नहीं करते


“KHUDA JAANE KE TAGHAAFUL HAI YA NAADANI USKI,
WOH MERA HAAL SAMAJHTA HAI,
AUR SAMAJHTA BHI NAHI.”

TAGHAAFUL: UNAWARE

— AYUSHMANN KHURRANA (@AYUSHMANNK) FEBRUARY 14, 2018

रहने दे ये वहम मुझ को ….
की तू सिर्फ और सिर्फ मेरा है।❤

जिनके बिना दिन नहीं गुजरता था ….
उनके बिना साल गुजर गया वो भी ख़ुशी ख़ुशी।

बात बात पे मुस्कुराता है यह आदमी…
किसी छोटे शहर से आया लगता है।

जवानी के लालच में बचपन गया…
और अब अमीरी के लालच में जवानी जा रही है।

सीख कर गया है वो मोहब्बत मुझसे…
अब जिससे भी करेगा बेमिसाल करेगा ।

कपड़े सफ़ेद धो के जो पहने, तो क्या हुआ,
धोना वहीं जो दिल की सियाही को धोइए।

बताओ कौनसी बाहर ले कर आया है जनवरी…
मुझ तो दिसंबर में भी साल नया सा लगता है।

छ देर खेलेगी फिर तोड़ देगी,
मुझे सब पता है मगर
फिर भी मैं,
नींद के हाथ में ख़्वाब दे देता हूं।

ayushmann khurrana poetry mukhota