Adhure ishq ki shayari | इश्क शायरी दो लाइन

खत्म हुई कहानी कुछ अल्फाज़ बाकी हैं,
अधूरे इश्क की मुकम्मल याद बाकी है।

हमने कब कहा – कीमत समझो हमारी,
गर बिकना ही होता तो आज यूँ अकेले न होते।

Adhure ishq ki shayari
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उम्मीद ना कीजिये इस दुनिया में हमदर्दी की,
बड़े प्यार से दर्द देते हैं शिद्दत से चाहने वाले।

उसने वक़्त समझकर गुज़ार दिया हमें
हम उनको खुदा समझकर आज भी जी रहे हैं।

इक तेरे बिना ही ना गुजरेगी ज़िंदगी मेरी,
बता सारे ज़माने की ख़ुशी लेकर मैं क्या करूँ।

ज़िन्दगी के सफर में एक तेरे इक साथ की खातिर,
उन मंजिलों को भी छोड़ दिया जो खुदाई के थे ।

Adhure ishq ki shayari

यूँ ना था कि शख्स अच्छा नहीं था वो,
मेरे ख्याल में था बस वैसा नहीं था वो।

Adhure Ishq Ki Yaad – Ishq Shayari Hindi

जी करता है तेरे संग खेलूं इश्क की बरसात मे,
रब करे उसके बाद तुझे मोहब्बत का बुखार हो जाए।

इश्क़ है या कुछ और हमें पता नहीं,
पर जो तुमसे है वो किसी और से हुआ नही।

Adhure ishq ki shayari

हुनर-ऐ -इश्क अब सीख के आया हूँ,
चलो फिर से खेलते हैं दिल का सतरंज