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Aatm nirbhar bharat essay in hindi in 500 words

कोरोना महामारी के संकट से लड़ने और देश के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने भारत के अंदर बनने वाले समानो का प्राहोत्साहन देने का मन बना लिया है। इन सारे प्रयासों को योजना बद्ध तरीके से भारत ने खुद को आत्मनिर्भर भारत बनाने का फैसला किया है। भारत काफी मात्रा मे कई चीजों का आयात विदेशो से करता है , पर इस महामारी के चलते सारे विश्व के आयात-निर्यात पर भारी असर पड़ा है. | इस स्थिति को सामान्य और देश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर भारत बनना बहुत जरुरी है।

आत्मनिर्भर भारत बनाने का अभियान

कोरोना महामारी के दौरान आपदा को अवसर मे बदलने के लिए प्रधानमंत्री ने देश-वासियों से आह्वाहन किया है। संकट की इस घड़ी मे सभी को आत्मनिर्भर हो कर राष्ट्र की तरक्की मे योगदान करने की अपील की है। देश आत्मनिर्भर होगा तभी हम राष्ट्र की तरक्की के लिए अपना योगदान दे सकते है ।

भारत प्राचीन काल से ही संसाधनों का देश रहा है। आजादी के बाद गरीबी और भुखमरी को देखते हुए महात्मा गांधी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का सपना देखा था | उस स्थिति मे ये पूरी तरह से संभव न हो सका, लेकिन जहां तक हो सका लोगों ने खुद को आत्मनिर्भर बनाया था । महामारी की इस संकट मे फिर से महात्मा गांधी के आत्मनिर्भरता के उस सपने को याद कराते हुए प्रधान मंत्री ने भारत को आत्म निर्भर बनाने की अपील की है। भारत मे संसाधनों की कमी नही है और भारत किसी भी चीज का निर्माण करने मे सक्षम है, इसके लिए उसे किसी और से मदद लेने की आवश्यकता नही है।

आत्मनिर्भर भारत बनने का तात्पर्य है कि हमारे देश को हर क्षेत्र मे खुद पर ही स्वालंबी होना होगा। भारत को देश मे ही हर वस्तु का निर्माण करना होगा जिससे रोजगार के नए नए अवसर खुलेंगे । इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत में बनी वस्तुओं को भारत मे ही उपयोग मे लाना है। आत्मनिर्भर भारत का मुख्य उद्देश्य उद्योगों मे सुधार करना, युवाओं के लिए रोजगार, गरीबों के लिए पर्याप्त खाना की सुविधा प्रदान करना है।

आत्मनिर्भर भारत फायदे

यदि हमारा भारत आत्मनिर्भर बनता है तो देश को इससे कई सारे फायदे होगें जो लोगों और देश की तरक्की मे बहुत मदद मिलेगी । कुछ फायदे निम्न है

हमारे देश मे उद्योगों की संख्या मे वृद्धि होगी।
हमारे देश को दूसरे देशो से सहायता कम लेनी होगी।
हमारे देश मे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होगें।
इससे देश मे बेरोजगारी के साथ-साथ गरीबी से मुक्ति मे सहायता मिलेगी।
भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
भारत चीजों का भंड़ारण काफी अधिक कर सकता है।
देश आगे चलकर अन्य देशों से आयात कम और निर्यात ज्यादा कर सकेगा।
आपदा की स्थिति मे भारत बाहरी देशों से मदद की मांग कम होगी।
देश मे स्वदेशी वस्तुओं का निर्माण कर देश की तरक्की को शीर्ष तक ले जाने मे सहायता मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत बनने के महत्वपूर्ण बातें

आत्मनिर्भर भारत की घोषणा के तहत भारत के प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता के लिए पांच महत्वपूर्ण चीजे बाताई है।

इंटेंट यानी इरादा करना।
इन्क्लूजन या समावेश करना।
निवेश या इन्वेस्टमेन्ट करना।
इन्फ्रास्ट्रक्चर यानी सार्वजनिक ढ़ाचे को मजबूत करना।
नयी चीजों का खोज करना।
आत्मनिर्भर भारत बनने का अवसर

पुरे विश्व समेत भारत भी कोरोना की माहामारी के दौर से गुजर रहा है, इसलिए इसके साथ ही भारत को स्वावलम्बी बनने का अवसर भी प्राप्त हुआ है। इस महामारी के दौरान कुछ क्षेत्रों में हमने आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया है और बिना अन्य देशो की मदद से इस महामारी से लड़ने के लिए हमने देश मे ही चीजों का निर्माण करना शुरु कर दिया है।

हमने पीपीई किट, वेन्टिलेटर, सेनेटाइजर और के.एन.-95 मास्क का निर्माण अपने देश मे ही शुरु कर दिया है। पहले यही चीजे हमे विदेशों से मंगानी पड़ती थी। इन सभी चीजों का निर्माण भारत मे करना ही आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने का पहला कदम है। इनके उत्पादन से हमे अन्य देशों की मदद भी नही लेनी पड़ रही है, और भारत आत्मनिर्भरता की ओर आगे कदम बढ़ा रहा है।

निष्कर्ष

आत्मनिर्भरता की ओर भारत ने पीपीई किट, वैन्टिलेटर इत्यादि चीजों को बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा दिया है और हमे भी इस मे अपना योगदान देकर आत्मनिर्भर भारत की सोच को साकार करना होगा। हमे ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने की आवश्यकता है। जिससे कि हम अपने देश को आत्म निर्भर और अपने राष्ट्र को आगे बढ़ाने मे अपना योगदान कर सके।