10 lines on mS dhoni in hindi महेंद्र सिंह धोनी

महेंद्र सिंह धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी भारत के सबसे कामयाब क्रिकेटर बने हुए हैं. वनडे टीम के कप्तान धोनी गुरुवार को अपना 35वां जन्म दिन मना रहे हैं.

धोनी के बारे में हम आपको बताते हैं दस अनजानी बातें.

धोनीअपने स्कूल की टीम में गोलकीपर थे. फुटबॉल से उनका प्रेम रह रहकर ज़ाहिर होता रहा है. इंडियन सुपर लीग में वे उन्होंने चेन्यैन एफ़सी टीम के मालिक भी हैं. फुटबॉल के बाद उन्हें बैडमिंटन भी ख़ूब पसंद था.

महेंद्र सिंह धोनी अपने बालों केलिए भी मशहूर रहे हैं. कभी लंबे बालों के लिए जाने जाने वाले धोनी समय समय पर हेयर स्टाइल बदलते रहे हैं. धोनी फिल्म स्टार जान अब्राहम के बालों के दीवाने रहे हैं.

महेंद्र सिंह धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने आईसीसी की तीनों बड़ी ट्रॉफ़ी पर कब्ज़ा जमाया है. धोनी की कप्तानी में भारत आईसीसी की वर्ल्ड-टी20 (2007 में), क्रिकेट वर्ल्ड कप (2011 में) और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी (2013 में) का खिताब जीत चुका है.

महेंद्र सिंह धोनी का नाम कई हाई प्रोफाइल अभिनेत्रियों से जुड़ा गया. लेकिन उन्होंने 4 जुलाई, 2010 को देहरादून की साक्षी रावत से शादी की. धोनी और साक्षी की एक बेटी भी है, जिसका नाम जीवा है.

धोनी को मोटर रेसिंग से भी ख़ासा लगाव रहा है. उन्होंने मोटररेसिंग में माही रेसिंग टीम के नाम से एक टीम भी खरीदी हुई है.

MS Dhoni धोनी को क्रिकेटर पहली नौकरी भारतीय रेलवे में टिकट कलेक्टर के तौर पर मिली. इसके बाद वे एयर इंडिया की नौकरी करने लगे. इसके बाद वे एन श्रीनिवासन की कंपनी इंडिया सीमेंट्स में अधिकारी बन गए.

2015 में आगरा स्थित भारतीय सेना के पैरा रेजिमेंट से पैरा जंप लगाने वाले पहले स्पोर्ट्स पर्सन बने. उन्होंने पैरा ट्रूपर ट्रेनिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने के बाद करीब 15, 000 फ़ीट की ऊंचाई से पांच छलांगें लगाई्ं, जिनमें एक छलांग रात में लगाई गईं थीं.

महेंद्र सिंह धोनी 2011 में भारतीय सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल बनाए गए. धोनी कई बार ये कह चुके हैं कि भारतीय सेना में शामिल होना उनके बचपन का सपना था.

महेंद्र सिंह धोनी मोटरबाइक्स के दीवाने हैं. उनके पास दो दर्जन आधुनिकतम मोटर बाइक मौजूद हैं. इसके अलावा उन्हें कारों का भी बड़ा शौक है. उनके पास हमर जैसी कई महंगी कारें हैं.

एमएस धोनी दुनिया भर में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले क्रिकेटर रहे हैं. टेस्ट से संन्यास लेने से पहले उनकी औसत आमदनी 150 से 190 करोड़ रुपये सालाना थी, जिसमें अभी भी बहुत ज़्यादा की कमी नहीं हुई है.